Google ads

आइए जानते हैं भानगढ़ के बारे में, Let's know about Bhangarh in HINDI

आइए जानते हैं भानगढ़ के बारे में कुछ रहस्यमई और रोचक बातें



अगर आप एक ट्रैवल प्रेमी है अगर आपको रहस्य-मई चीजों में रूचि है तो भानगढ़ का किला आपके लिए एक सही स्थान है, आज तक हजारों कहानियां इस किले से जुड़ी और सामने आती रही है, इसलिए लोग इसे भूतिया इलाक़ा मानते हैं, और सूर्य-अस्त के बाद यहां पर जाना मना है यहां तक कि सरकार ने भी यहां एक नोटिस बोर्ड लगाया है, तो ऐसे में यह जगह और भी डरावना और रहस्य बन जाती है, इन सब के बावजूद भी आज तक यहां का रहस्य कोई भी नहीं जान सका, बस सामने आई तो कुछ कहानियां, तो चलिए दोस्तों जानते हैं कि आखिर भानगढ़ इतना रहस्यमय क्यों है, मगर उससे पहले अगर आपने अभी तक हमें फॉलो नहीं किया है तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके हमें फॉलो करें .





दोस्तों भानगढ़ के बारे में वैसे तो काफी सारी कहानियां सुनने को मिलता है, और हर कहानी अपने आप में अनोखा है ऐसे ही एक कहानी यह भी है, कहा जाता है राजा माघु सिंह ने इस शहर भानगढ़ का निर्माण किया था और इसके लिए उन्होंने यहां पर तपस्या करने वाले गुरु बलु नाथ से अनुमति लिया था, लेकिन गुरु बलु नाथ ने एक शर्त रखी थी कि किला का परछाईं उनके ऊपर नहीं पढ़नी चाहिए, और अगर ऐसा होता है तो यह शहर खंडहर में बदल जाएगा, उसके बाद भानगढ़ किले की निर्माण शुरू हुई मगर दुर्भाग्यवश किले की परछाईं गुरु बलु नाथ के ऊपर पड़ी और वह क्रोधित हो गए, उसके बाद उन्होंने श्राप दिया जिसके वजह से भानगढ़ किला खंडहर में तब्दील हो गया, ताज्जुब की बात यह है कि गुरु बलु नाथ की कब्र आज भी खंडहरों में से मिल सकती है .
Read this also


दोस्तों यह तो थी लोगों के बनाए हुए कहानी मगर पुरानी कथाओं के अनुसार भानगढ़ की राज कुमारी रत्नावती बहुत सुंदर थी, उनकी खूबसूरती के चर्चा पूरे भारत में प्रसिद्ध थे, दुनिया का हर राजकुमार उन्हें शादी करना चाहता था उन्हें पाना चाहता था, और इसके लिए राज कुमारी रत्नावती को शादी के प्रस्ताव कई सारे आते रहते थे, एक दिन राज कुमारी रत्नावती अपनी सहेलियों के साथ बाजार घूमने किले से बाहर निकली, घूमते घूमते राज कुमारी एक ईत्तर की दुकान पर रुकी और एक ईत्तर के सीसी को लेकर निरीक्षण कर रही थी, इतने में दुकान के सामने एक आदमी जिसका नाम सिंधु सेवड़ा था वह राज कुमारी रत्नावती को निहार रहा था .





सिंधु सेवड़ा उसी राज्य का निवासी था और उसे काला जादू में महारत हासिल था, राज कुमारी को देखने के बाद उसके मन में राज कुमारी को पाने की अभिलाषा जागी, और मन ही मन में वह राज कुमारी से प्रेम करने लगा था, राज कुमारी रत्नावती को पाना उसके लिए जुनून बन गया था, इसीलिए तांत्रिक ने यानी सिंधु सेवड़ा ईत्तर के सीसी पर काला जादू कर दिया जिसको राज कुमारी ने पसंद किया था, तांत्रिक का उद्देश्य यह था कि जब राज कुमारी ईत्तर को इस्तेमाल करेंगे तो वह तांत्रिक के प्यार में पागल हो जाएगी, और उसके शरीर से लिफ्ट जाएंगे, मगर राज कुमारी को यह बात पता चल गई और उन्होंने चालाकी से ईत्तर के सीसी को एक बड़े से पत्थर के ऊपर तोड़ दिया, जिसके वजह से सीसी में मौजूद सारी ईत्तर उस पत्थर के ऊपर गिर गया और वह पत्थर तांत्रिक के प्यार में उसके ऊपर लिपट गया, जिसके वजह से तांत्रिक की मौत हो गई .

आइए जानते हैं भानगढ़ के बारे में, Let's know about Bhangarh in HINDI


मगर मरने से पहले तांत्रिक ने श्राप दिया कि उस राज्य के रहने वाले सभी लोग जल्द ही मर जाएंगे, और फिर कभी पुनर्जन्म नहीं ले पाएंगे उनकी आत्मा हमेशा किले में भटकते रहेंगे, तांत्रिक के मौत के बाद अजबगढ़ और भानगढ़ के बीच लड़ाई हो गई, और इस युद्ध में भानगढ़ के सभी लोग मारे गए और राज कुमारी रत्नावती भी उस श्राप से बच नहीं पाई, लोगों का मानना है कि आज भी सूर्यास्त के बाद भानगढ़ के किले में अजीबोगरीब आवाज़े सुनाई देती है, जो इस कहानी को सच साबित करते हैं, तो दोस्तों यह थी भानगढ़ के बारे में कुछ रहस्य मई कथा या कहानियां जो शायद ही अपने आप में सच है, आपको क्या लगता है आप हमें कमेंट करके ज़रुर बताएं, उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद आपका दिन शुभ हो .

हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी आप हमें कमेंट के जरिए सूचित करें तथा इसी तरह का खबरें पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें .
आइए जानते हैं भानगढ़ के बारे में, Let's know about Bhangarh in HINDI आइए जानते हैं भानगढ़ के बारे में, Let's know about Bhangarh in HINDI Reviewed by Science Fiction on February 03, 2019 Rating: 5

No comments:

Google

Powered by Blogger.